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Hindi suvichar

अपनी “ताकत” पर लोग इतना, क्यों इतराते है ।दरवाजे उनके भी टूटते है जो “ताले” बनाते है।

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Munsi premchand stories – सैलानी बंदर!

जीवनदास नाम का एक गरीब मदारी अपने बन्दर मन्नू को नचाकर अपनी जीविका चलाया करता था। वह और उसकी स्त्री बुधिया दोनों मन्नू का बहुत प्यार करते थे।

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मुंशी प्रेमचंद की कहानियां – खुदी!

मुन्नी जिस वक्त दिलदारनगर में आयी, उसकी उम्र पांच साल से ज्यादा न थी। वह बिलकुल अकेली न थी, माँ-बाप दोनों न मालूम मर गये या कहीं परदेस चले गये थे।